जोधपुर // पुरुषोत्तम मास में जप-तप से होता है व्यक्ति का कल्याण : महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती
17 मई से सत्संग भवन में होगी श्रीमद् भागवत कथा, कलश यात्रा निकलेगी भव्य रूप से जोधपुर, 16 मई। पुरुषोत्तम मास की महिमा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में महामंडलेश्वर स्वामी श्री प्रणवानंद सरस्वती ने कहा कि पुरुषोत्तम मास मनुष्य के प्रायश्चित, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पावन मास को स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अपना नाम प्रदान किया है, इसलिए इस अवधि में किए गए जप, तप, दान-पुण्य और सत्कर्म का विशेष फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास के दौरान संपूर्ण ब्रह्मांड में सकारात्मक एवं अलौकिक ऊर्जा का संचार रहता है। ऐसे में व्यक्ति यदि सच्चे मन से थोड़े समय के लिए भी भक्ति, साधना और सेवा करता है तो उसके जीवन में सुख, शांति और कल्याण के मार्ग खुल जाते हैं। कार्यक्रम संयोजक राजेश लोहिया ने बताया कि स्वामी श्री प्रणवानंद सरस्वती वर्तमान में इंदौर स्थित श्री अखंड वेदांत आश्रम के माध्यम से गरीब बच्चों के लिए निशुल्क गुरुकुल शिक्षा संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही वनवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण रोकने एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से उन्होंने “धर्म रक्षक संगठन” का गठन किया है। वे कई वर्षों से झाबुआ सहित वनवासी क्षेत्रों में पैदल यात्राएं कर जन-जागरण का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 17 मई से 23 मई तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक सरदारपुरा स्थित सत्संग भवन में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महामंडलेश्वर स्वामी श्री प्रणवानंद सरस्वती महाराज श्रद्धालुओं को कथा अमृत का रसपान कराएंगे। कार्यक्रम समन्वयक भगवतीलाल कपूरिया ने बताया कि कथा प्रारंभ होने से पूर्व 17 मई को प्रातः 9 बजे गांधी मैदान के पास स्थित राणीजी के मंदिर से भव्य कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। बैंड-बाजों और मधुर भक्ति धुनों के साथ निकलने वाली यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होकर सत्संग भवन पहुंचेगी। यात्रा में महिलाएं सिर पर

https://x.com/tv_chanaky5736/status/2055570781741122007?s=20
https://www.facebook.com/profile.php?id=61580815528140