टोंक // टोंक से अशोक शर्मा की रिपोर्ट
युवाओं को सरकारी कार्यप्रणाली और जनहित की योजनाओं से रूबरू कराने के उद्देश्य से ‘माई भारत’ टोंक एवं जिला रसद विभाग टोंक के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ । यह विशेष कार्यक्रम 11 मई से 15 मई तक आयोजित किया गया जिसमें जिले के युवाओं ने खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की बारीकियों को जमीन पर उतरकर समझा। कार्यक्रम के दौरान 18 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं ने पीडीएस के अंत-से-अंत प्रक्रियाओं का अनुभव लिया। इन पांच दिनों में जिला रसद कार्यालय के अमित एवं प्रदीप द्वारा दिए गए प्रशिक्षण में युवाओं ने किसान पंजीकरण प्रक्रिया, ऑनलाइन टोकन सिस्टम और खरीद केंद्रों पर फसल की आवक, गुणवत्ता जांच और डिजिटल भुगतान के तरीकों को देखा । प्रतिभागियों ने वेयरहाउस और गोदामों का भ्रमण कर स्टॉक प्रबंधन, टैगिंग, और खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए अपनाए जाने वाले वैज्ञानिक तरीकोंजैसे फ्यूमिगेशन और पेस्ट कंट्रोल की जानकारी ली ।

सीखने के साथ-साथ युवाओं ने फील्ड में सक्रिय योगदान भी दिया। उन्होंने लाभार्थियों को आधार और मोबाइल नंबर अपडेट कराने में मदद की।राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया और आमजन को उनके हक के प्रति जागरूक किया ।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सार्वजनिक सेवा वितरण के प्रति पारदर्शिता और जवाबदेही की समझ विकसित करना था । डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग और सप्लाई चेन ऑपरेशंस की जानकारी पाकर युवा अब समाज में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायक बन सकेंगे ।
जिला रसद अधिकारी, टोंक इन्द्रपाल मीणा और जिला युवा अधिकारी श्रीमती संतोष चौहान ने बताया कि इस तरह के अनुभवात्मक शिक्षण से युवाओं का कौशल विकास होता है और वे सीधे तौर पर सरकारी मशीनरी के साथ जुड़कर जमीनी चुनौतियों और उनके समाधान को समझ पाते हैं ।
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