राजस्थान// राज्य सरकार की पहल पर बांसवाड़ा स्थित महात्मा गांधी जिला अस्पताल में संचालित रामाश्रय वार्ड वरिष्ठ नागरिकों के लिए संबल बनकर उभरा है। यहां बुजुर्गों को न केवल बेहतर चिकित्सकीय उपचार मिल रहा है, बल्कि परिवार जैसा माहौल देकर उनकी समुचित देखभाल भी की जा रही है। रामाश्रय वार्ड की कार्यप्रणाली वृद्धावस्था देखभाल के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राहुल डिंडोर ने बताया कि जिला अस्पताल में रामाश्रय वार्ड के अंतर्गत 5 पुरुष एवं 5 महिला बेड संचालित किए जा रहे हैं। इस वार्ड में विशेष रूप से वृद्धजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपचार और देखभाल की व्यवस्था की गई है। वार्ड में घर जैसा वातावरण प्रदान किया जा रहा है, जिससे बुजुर्ग स्वयं को सुरक्षित और सहज महसूस करते हैं। डॉ. डिंडोर ने बताया कि जिला अस्पताल में पीएमओ के निर्देशन में डॉ. राजेश चौधरी को रामाश्रय वार्ड का प्रभारी नियुक्त किया गया है, वहीं वार्ड की नर्सिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सुनीता मेनन को सौंपी गई है।

उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में अब तक 1153 वरिष्ठ नागरिकों को रामाश्रय वार्ड में उपचार एवं देखभाल का लाभ दिया जा चुका है। स्वस्थ होने पर सभी बुजुर्गों को संतोषजनक स्थिति में छुट्टी दी गई है। उपचार प्राप्त कर चुके वरिष्ठ नागरिकों ने वार्ड की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है।
बांसवाड़ा निवासी शमाजी ने कहा कि यहां की सफाई बहुत अच्छी है। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। स्टाफ का व्यवहार भी प्रभावित करने वाला है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनको खुन की कमी से दिक्कत थी। रामाश्रय वार्ड में देखभाल और उनके बेटे ने ही उनको ब्लड डोनेट किया। अब वह बिल्कुल स्वस्थ है। उन्होंने सरकार का आभार जताया है
चीड़ियावाड़ा निवासी सोहनलाल डामोर अपनी मां गंगाजी को लेकर आए है। उनकी मां को खांसी थी। उनका इलाज रामाश्रय वार्ड में चल रहा है। सोहनलाल ने कहा कि उनको निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिली। उन्होंने वार्ड की व्यवस्थाओं को देखकर खुशी जताई है। वहीं गंगा डामोर का भी कहना है कि उनको घर जैसा माहौल ही लग रहा है।