JODHPUR // जोधपुर में PM-USHA प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव पर मंथन

JODHPUR – जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के विधि संकाय एवं सीमाजन कल्याण समिति के तत्वावधान में PM-USHA प्रायोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (हाइब्रिड मोड) का विधिवत शुभारंभ किया गया। उद्घाटन सत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।अतिथियों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में साफा एवं दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया गया। राजस्थान सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री बंशी लाल भाटी ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आगामी तीन दिनों में आयोजित होने वाले सत्रों एवं गतिविधियों की जानकारी दी।

JODHPUR – उन्होंने सीमाजन कल्याण समिति द्वारा सीमांत क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला।अवैध घुसपैठ रोकना सरकार का संवैधानिक दायित्व: संजीव प्रकाश शर्मामुख्य अतिथि संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अवैध घुसपैठ को रोकना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर उच्चतम न्यायालय ने सरकार को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। एनआरसी से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस नीतिगत कदम आवश्यक हैं।जनजागरण और स्पष्ट सीमा नीति की आवश्यकतामुख्य वक्ता के रूप में सीमा जागरण मंच के संयोजक मुरलीधर भिंडा ने कहा कि पड़ोसी देशों से होने वाली घुसपैठ केवल संख्या का प्रश्न नहीं,
JODHPUR – बल्कि राष्ट्र की पहचान और मूल्यों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ देश की संप्रभुता के लिए गंभीर चुनौती है और इसके समाधान हेतु स्पष्ट सीमा नीति आवश्यक है।उन्होंने ‘3D नीति’—डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट—का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अवैध घुसपैठ रोकने के लिए कठोर कदम उठा रही है। संस्थागत शोधों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश में लगभग 10 मिलियन अवैध घुसपैठियों के निवास का अनुमान चिंताजनक है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में सीमा सुरक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने और शोध को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया।जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर चिंतासीमाजन कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त डीआईजी बीएसएफ महेंद्रपाल सिंह भाटी ने कहा कि अवैध घुसपैठ से भारत की जनसांख्यिकी में तीव्र बदलाव हो रहा है। उन्होंने इसे सुनियोजित छद्म युद्ध का हिस्सा बताते हुए कहा कि पड़ोसी देशों द्वारा व्यवस्थित तरीके से जनसांख्यिकीय असंतुलन पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
JODHPUR – द्वितीय सत्र में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन कोहली ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि 1951 की जनगणना के समय असम में मुस्लिम आबादी लगभग 12 प्रतिशत थी, जो अब लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में कहा कि 2001 से 2011 के बीच हिंदू आबादी में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि मुस्लिम आबादी में 21.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उनके अनुसार, जनसांख्यिकीय परिवर्तन के प्रमुख कारणों में अवैध घुसपैठ, धर्मांतरण और जन्मदर में असंतुलन शामिल हैं।हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार और समाज दोनों को जिम्मेदारी निभानी होगी।बहुआयामी चुनौतियों से सतर्क रहने की आवश्यकतासत्र की अध्यक्षता कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के समक्ष तकनीकी चुनौतियां, सूचना युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता, जनसांख्यिकीय असंतुलन और मल्टी-फ्रंट ऑपरेशंस जैसी कई चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण आवश्यक है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय सीमा सुरक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का प्रयास करेगा। विधि संकाय के अधिष्ठाता ने अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया।अंतिम तकनीकी सत्र में देश-विदेश से आए शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। प्रथम दिवस का समापन सामूहिक भोजन के साथ हुआ।
जोधपुर से रिपोर्टर बृजकिशोर पारीक
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