Banswara // मातृ मृत्यु मामलों पर प्रशासन सख्त, जिला अस्पताल की होगी विशेषज्ञ जांच

Banswara – जिला चिकित्सालय में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु व्यापक चिकित्सीय समीक्षा प्रारंभ मातृ मृत्यु प्रकरणों की होगी विशेषज्ञ जांच, जिला कलक्टर ने जिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण हाल ही में सामने आए मातृ मृत्यु के प्रकरणों के बाद जिला प्रशासन ने जिला चिकित्सालय की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। जिला कलक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव ने शनिवार को जिला चिकित्सालय पहुंचकर उपचार व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ प्रकरणवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सीएमएचओ, पीएमओ, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तथा फिजिशियन उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने प्रत्येक प्रकरण में उपचार की पूरी प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि गंभीर मरीजों की निगरानी, समय पर चिकित्सीय हस्तक्षेप तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का भी भ्रमण किया तथा नर्सिंग इंचार्ज एवं नर्सिंग अधीक्षक से मरीजों की निगरानी, पोस्ट ऑपरेटिव केयर, नर्सिंग प्रोटोकॉल तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गंभीर रोगियों की निगरानी, समयबद्ध चिकित्सीय हस्तक्षेप तथा समन्वित उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
Banswara – उल्लेखनीय है कि इन प्रकरणों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच हेतु वरिष्ठ चिकित्सकों की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा चुका है। जिला कलक्टर ने समिति को निर्देशित किया है कि प्रत्येक प्रकरण का वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक परीक्षण करते हुए विशेष रूप से यह परीक्षण किया जाए कि उपचार के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं ( एसओपी), प्रचलित चिकित्सीय प्रोटोकॉल तथा मानक चिकित्सा पद्धति का पूर्णतः पालन किया गया अथवा नहीं। समिति को यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की व्यवस्थागत, प्रक्रियागत अथवा अवसंरचनात्मक कमी परिलक्षित होती है तो उसके संबंध में ठोस एवं व्यवहारिक सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति की संभावना को न्यूनतम किया जा सके तथा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य तथ्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की प्रणालीगत कमी या प्रक्रियागत त्रुटि सामने आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। साथ ही, यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा उत्तरदायित्व निर्धारित होता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन सुरक्षित मातृत्व, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तथा रोगी सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत उसकी संस्तुतियों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे, ताकि जिले में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं मानक अनुरूप बनाया जा सके।
बांसवाड़ा से मुकेश पाटीदार की रिपोर्ट
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