The Chanakya TV Rajasthan

Baran // सलाखों के पार राखी का प्यार, भाइयों से मिलकर भावुक हुईं बहनें

Baran // सलाखों के पार राखी का प्यार, बारां जेल में भावुक हुआ भाई-बहन का मिलन

Baran
Baran

Baran – रक्षाबंधन… भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व। लेकिन बारां में इस बार रक्षाबंधन का एक ऐसा भावुक नजारा सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। उपकारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनों का जब सलाखों के उस पार खड़े अपने भाइयों से सामना हुआ तो भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी बहन की आंखों में भाई से मिलने की खुशी थी, तो किसी की आंखों में जुदाई का दर्द। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और लंबी उम्र की दुआ की। बारां के उपकारागार में रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते की गहराई का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें जेल पहुंचीं। सामने सलाखों के पीछे खड़े भाई थे और इस पार बहनें। मुलाकात के इन चंद पलों में वर्षों जैसा अपनापन और बिछड़ने का दर्द दोनों दिखाई दिया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। भाई भी अपनी बहनों को देखकर भावुक हो उठे। किसी ने बहन को ढांढस बंधाया तो किसी ने जल्द फिर परिवार के साथ खुशियां मनाने की उम्मीद जताई। कुछ पल की इस मुलाकात में बचपन की यादें, परिवार की बातें और अपनों से दूर रहने का दर्द साफ नजर आया। रक्षाबंधन पर आमतौर पर भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है।

Baran

Baran – लेकिन जेल की इन सलाखों के बीच आज तस्वीर कुछ अलग थी। यहां बहनें अपने भाइयों के लिए दुआएं लेकर पहुंची थीं। सलाखें दोनों के बीच दीवार बनकर खड़ी थीं, लेकिन रिश्ते की गर्माहट को रोक नहीं सकीं। बहन का हाथ भाई की कलाई तक पहुंचा तो राखी के धागे ने दूरी को मानो खत्म कर दिया भाई की कलाई पर बंधी राखी सिर्फ एक धागा नहीं थी, बल्कि बहन के विश्वास, प्रेम और उस उम्मीद का प्रतीक थी कि हालात चाहे जैसे हों, भाई-बहन का रिश्ता हमेशा कायम रहेगा। कई बहनों की आंखें भाई से मिलते ही भर आईं। मुस्कुराने की कोशिश के बीच आंसू छलक पड़े। भाई भी भावुक नजर आए।
कुछ देर की मुलाकात के बाद जब बहनों को वापस लौटना पड़ा तो माहौल और भी भावुक हो गया। हाथ हिलाते हुए भाई अपनी बहनों को विदा करते रहे और बहनें बार-बार पीछे मुड़कर अपने भाइयों को देखती रहीं। “रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर बारां उपकारागार में एक तरफ राखी के रंग थे, मिठाई की मिठास थी और भाई-बहन के मिलन की खुशी थी, तो दूसरी तरफ सलाखों के बीच जुदाई का दर्द भी साफ दिखाई दिया। राखी भाई की कलाई पर बंध गई, लेकिन बहनों की आंखों में अगली मुलाकात की आस रह गई। इस भावुक मिलन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रिश्तों को कैद करने वाली कोई सलाख नहीं होती।” बारां उपकारागार का यह भावुक दृश्य रक्षाबंधन के पर्व का एक अलग ही संदेश दे गया। परिस्थितियां भले ही भाई-बहन को दूर कर दें, लेकिन प्रेम और रिश्तों की डोर को कोई दूरी कमजोर नहीं कर सकती। कलाई पर राखी बंधी… आंखों में आंसू आए… और दिल में बस यही उम्मीद रही—अगली राखी साथ मनाएंगे।

बारां से राज कुमार मंगल की रिपोर्ट

https://x.com/tv_chanaky5736

https://www.facebook.com/profile.php?id=61591608698410

टोंक// अन्नपूर्णा गणेश मंदिर में छठा मासिक जागरण का आयोजन

कवाई// देवधाम में 56 लाख की पेयजल टंकी श्रद्धालुओं को समर्पित, विधायक राधेश्याम बैरवा ने किया शुभारंभ

Exit mobile version