BARAN // बारां में उबाल: ब्राह्मण कल्याण परिषद के आह्वान पर सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, IAS संतोष वर्मा की टिप्पणी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
BARAN – बारां मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की महिलाओं और बेटियों के संबंध में की गई कथित अभद्र और संकीर्ण टिप्पणी से पूरे बारां जिले में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस विवादित बयान के विरोध में आज ब्राह्मण कल्याण परिषद के आह्वान पर समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन ने जिले में बड़ा सामाजिक और राजनीतिक माहौल बना दिया है।प्रदर्शन के लिए जुटी भीड़ ने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने साफ तौर पर कहा कि ऐसा अधिकारी, जो समाज की महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच रखता है, लोकसेवक के पद के योग्य नहीं है।
BARAN – उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल से इस प्रकरण में तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की, ताकि समाज में बढ़ते असंतोष और तनाव को रोका जा सके।विरोध प्रदर्शनों में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही। ब्राह्मण कल्याण परिषद के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा और महिला जिला अध्यक्ष प्रीति शर्मा ने आंदोलन का नेतृत्व किया। वहीं बार एसोसिएशन बारां के अध्यक्ष कमलेश जी दुबे की उपस्थिति प्रदर्शन को कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर मजबूत आधार प्रदान करती दिखी। उनके साथ कई अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी भी इस विरोध में एकजुट नजर आए।
प्रमुख उपस्थित पदाधिकारी और हस्तियां—
BKP जिलाध्यक्ष: धर्मेंद्र शर्मा
BKP महिला जिलाध्यक्ष: प्रीति शर्मा
बार एसोसिएशन अध्यक्ष: कमलेश जी दुबे
सनाढ्य ब्राह्मण समाज अध्यक्ष: राजेंद्र शर्मा
हिन्दू अखाड़ा समिति जिलाध्यक्ष: मुकेश नेपाली
परशुराम सेना अध्यक्ष: रवि पुजारी
अन्य प्रमुख: श्याम जी पालीवाल, एड. बृजकिशोर शर्मा, हजारीलाल भार्गव, महेश त्यागी, डॉ. देवेंद्र शर्मा, ऋषि वल्लभ शर्मा, अंकुर सनाढ्य, शरद शर्मा, एड. रितेश भारद्वाज, एड. लक्ष्य भारद्वाज
BARAN- प्रदर्शन के दौरान “संतोष वर्मा मुर्दाबाद” के नारे लगातार गूंजते रहे। भीड़ का यह जनदबाव मध्यप्रदेश प्रशासन के लिए बड़ा संदेश है कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। समाज का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और भी बड़ा रूप दिया जाएगा।बारां जिले का यह उग्र विरोध अब प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाज के लोग साफ कह रहे हैं—हमारी माताओं-बहनों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जैसे-जैसे मामला गरमाता जा रहा है, अब सबकी नजर मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की कार्रवाई पर टिक गई है।
बारां से राजेश कुमार मंगल की रिपोर्ट
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