BARAN // एबीडीएम ने रक्तदान शिविर लगाकर मनाई संत गाडगे महाराज की पुण्य तिथि

BARAN – बारां अखिल भारतीय धोबी महासंघ एबीडीएम द्वारा संत शिरोमणी गाडेग बाबा की पुण्यतिथि शनिवार को रक्तदान शिविर आयोजित कर मनाई गई। जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र पंकज ने बताया कि शिविर में 12 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदाताओं को एबीडीएम की ओर से प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। रक्तदान करने वालों में प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश रंगीला, जिलाध्यक्ष राजाराम पंकज, जिला संगठन मंत्री भैरूलाल पंकज उर्फ पप्पू, सह कोषाध्यक्ष सुरेश पंकज, जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र पंकज, यूथ विंग जिलाध्यक्ष गिरिराज प्रसाद पंकज भड़सुई, जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंगोरिया, सदस्य पवन कुमार वर्मा, पुरूषोत्तम पंकज सहित सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन मालव अरबाज खान व वसीम अकरम शामिल थे। शिविर में प्रदेश संयोजक रामस्वरूप पंकज व जिला प्रभारी बद्रीलाल वर्मा, जिला महामंत्री गिर्राज पंकज कोयला,

BARAN – वरिष्ठ सदस्य नंदकिशोर सिंगोरिया व रामदयाल पंकज ढोटी, जिला उपाध्यक्ष गुलाबशंकर पंकज, शेरबहादुर पंकज, यूथ विंग मंत्री पवन पंकज, गोलू पंकज मंडोला व अनिल पंकज मजड़ावता का सहयोग रहा। इसके बाद एबीडीएम जिला कार्यालय पर बैठक की गई। जिसमें सर्वसम्मति से 4 जनवरी को नव स्नेह मिलन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसमें सपरिवार सहयोग राशि 500 रूपए रखी गई। राशि एकत्रित करने का जिमा यूथ विंग जिलाध्यक्ष एवं सह कोषाध्यक्ष को सौंपा गया। बैठक में मुख्यसंत गाडगे महाराज की जीवनी, परिवार, कहानी और समाज सुधार के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
प्रदेश संयोजक रामस्वरूप पंकज व प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश रंगीला ने कहा कि गाडगे महाराज एक संत और समाज सुधारक थे। व्यापक रूप से महाराष्ट्र के सबसे बड़े समाज सुधारकों में से उन्हें एक के रूप में माना जाता है। उन्होंने कई सुधार किए हैं. गाँवों का विकास और उनकी दृष्टि अभी भी देश भर के कई दान संगठनों, शासकों और राजनेताओं को प्रेरित करती है। उनके नाम पर कॉलेज और स्कूल सहित कई संस्थान शुरू किए गए हैं। उनके बाद भारत सरकार द्वारा स्वच्छता और पानी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा की गई। उनके सम्मान में अमरावती विश्वविद्यालय का नाम भी रखा गया है।. उनके सम्मान में महाराष्ट्र सरकार द्वारा ‘संत गाडगेबाबा ग्राम स्वछता अभियान’ शुरू किया गया था। जो अब भारत सरकार द्वारा भी अपनाया गया है।
https://www.facebook.com/profile.php?id=61580815528140
बारां से राजेश कुमार की रिपोर्ट