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Beawar // नृसिंह मंदिर में गूंजा शिव-पार्वती विवाह प्रसंग, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु

Beawar // नृसिंह मंदिर में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन भक्त हुए भावविभोर

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Beawar – नृसिंह मन्दिर में पुरुषोत्तम मास में श्रीराम चरित्र मानस पर मास पारायण कथा महोत्सव प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से साँय 7 बजे तक किया जा रहा है। कथा के चतुर्थ दिवस शिव-पार्वती विवाह प्रसंग को श्रवण करके भक्तजन आनंदित हो उठे। देवपूजन एवं व्यास पूजन पश्चात आरम्भ हुई कथा अनुसार राजा हिमवंत के दरबार मे शिव बारात के आगमन की सुचना पर दुदुम्भी, शंख, नक्कारे आदि की मंगल ध्वनियाँ गुंजायमान होने लगी। जगत जननी माँ जगदम्बा को पार्वती स्वरुप में एवं वधु के रूप में श्रृंगारित होते देख रिद्धि सिद्धि प्रकट हो गई। भगवान भोलेनाथ का भी वर स्वरुप से श्रृंगार देखकर ,गोस्वामी तुलसीदास जी ने मानस में लिखा कि “ससि ललाट सुंदर सिर गंगा,नयन तीनि उपबीत भुजंगा भावार्थ शिवजी के सुंदर मस्तक पर चन्द्रमा, सिर पर गंगाजी, तीन नेत्र, साँपों का जनेऊ, गले में विष और छाती पर नरमुण्डों की माला थी। इस प्रकार उनका वेष अशुभ होने पर भी वे कल्याण के धाम और कृपालु है। नाना प्रकार के स्वरूपों में शिवगणों सहित देवता भी बारात में सम्म्लित हुये। शिव बारात में भूत, प्रेत, पिशाच, और यक्ष जैसे सभी गण शामिल थे।

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Beawar – स्वयं महादेव नंदी पर सवार थे और उनका रूप भस्म, सर्पों और त्रिशूल से सजा था। बारात का स्वरूप देखकर सभी जन डर से उधर उधर भागने लगे,माता मैना सुध बुध खो बैठी। नारद एवं ऋषिगणों के समझाने पर संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमानंद का क्षण आया। जब देवों के देव महादेव और माता पार्वती परिणय सूत्र में बंधे, तो आकाश से देवताओं ने पुष्पवर्षा की और दसों दिशाएं मंगल ध्वनियों से गूंज उठीं। देवलोक को तारक राक्षस से बचाने हेतु जगदम्बा के षडानन प्रकट हुये,भगवान षडानन ने राक्षस तारक का संहार किया। गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखा है कि शिव विवाह प्रसंग सुनने मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा में आगे चौपाइयों के द्वारा गाकर सुनाया की उमा ने शिव से राम कथा सुनाने का आग्रह किया।भगवान शिव ने रामकथा अमृतपान करवाया। तब माता भवानी ने कहा कि भोलेनाथ “तुम्ह कृपाल सबु संसय हरूउ.आप कृपा के धाम एवं संशय को हर लेने वाले हो।
नाथ कृपा अब गयऊ विषादा, सुखी भयऊ प्रभु चरण प्रसादा चौपाई के साथ शिव वंदना महाआरती हुई एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान राम रामायण मण्डल के राजकुमार अत्रे,गुलाब सैनी,कृष्णमोहन जोशी, रेखा सोनी, देवाराम नृसिंह मन्दिर ट्रस्ट के मंत्री राधेश्याम ड़ाणी,मुकेश गुप्ता, प्रेम जिंदल,पंकज बजारी, अभिषेक सठाक,पीयूष बंसल सहित अनेक भक्तजन उपस्थित थे।

ब्यावर से शम्भू दयाल व्यास की रिपोर्ट

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