SOJAT // जीव पर चार प्रकार के ऋण होते हैं — शरणानन्दजी महराज

SOJAT – शहर के पूरणेश्वर धाम पर राठौड़ परिवार की और से आयोजित हो रही श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम व अंतिम दिन हजारों लोगों की उपस्थिति में कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर
रमण रेती के महाराज शरणानंद जी ने कहा कि वचनाराम राठौड़ द्वारा चार वर्ष का उपासना कर केवल पानी पर जीवित रहना साइंस के लिए एक चैलेंज है। स्थानीय पूरणेश्वर धाम में चल रही गोविंद गिरी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा में वचनाराम राठौड़ को शरणानंद जी महाराज द्वारा काषाय वस्त्र पहनाकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गोविंद गिरी महाराज की साक्षी में वानप्रस्थ आश्रम में प्रवेश करवाया।
SOJAT – शरणानंद जी ने कहा वचनाराम जी से प्रश्न– करने पर उन्होंने जो उत्तर दिया वो नाथ सम्प्रदाय के रहस्य से प्रस्फुटित हैं वानप्रस्थ के लिए भागवत में नियम हैं कि वह वन में भी जा सकता है घर में भी रह सकता है। सच्चा साधु जब प्रयास करता है तो उस परिधी में रहने वाले सभी -को लाभ मिलता है उनकी सेवा करनेवालाको भी मिलता है।
SOJAT – शरणानंद जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 4 वर्ष से उपासना कर रहे वचनाराम राठौड को वानप्रस्थ की दीक्षा दी।शरंणानंद जी महाराज ने कहा कि जीव पर चार ऋण देव ऋण ऋषि ऋण पित ऋण समाज ऋण इसे संस्कृत में उऋण कहते है मैं समाज में हूँ। पितरो ने जन्म दिया, देवताओं ने अन्न जल दिया ऋषियों ने हमें ज्ञान दिया है। समाज में अंतिम श्वास तक हमें बहुत कुछ मिला है यह ऋण हमें चुकाना है
SOJAT – गायत्री का अनुष्ठान से संध्या करना त्रैवर्णिक के लिए आवश्यक कर्तव्य है ।
विधि विधान से पत्नी के साथ संतति उत्पन्न करना भी ऋण है। जो उपलब्धि हमे मिली हैं उसे देवताओं एवं राष्ट्र तथा समाज को दे यह ऋण अदा करने का तरीका है। पठन पाठन परंपरा से शिष्य उत्पन्न करना
।इसका ध्येय उत्तमन एवं अधमन में से उत्तमन श्रेष्ठ कर्तव्य है धर्म करके सद्गुण पूर्वक प्रयास करना मनुष्य का कर्तव्य है अर्थ का उपयोग अनर्थ के लिए
नहीं होना चाहिए। चार पुरषार्थ धर्म अर्थ काम एवं मोक्ष के लिए विधिवत कार्य होना चाहिए।.
SOJAT – कथा व्यास गोविन्द गिरी जी ने भागवत कथा पूर्णाहुति में विभिन्न पात्रों के प्रसंग सुनाएं जिसमें श्री कृष्ण के पुत्र
सांब को यादवों द्वारा साड़ी पहनाकर ऋषियों” से मजाक करके पेट में लड़का है या लड़की पर ऋषियों ने शाप दिया।
शरणानंद जी महाराज ने बताया कि मीमांसा शास्त्र में लिखा है विद्यादान श्रेष्ठ है।
SOJAT – वानप्रस्थ के लिए तपस्या बहुत प आवश्यक है क्वनाराम जी ने पहले से ही यह कर दिया है । यह मेडिकल साइस के लिए चैलेंज हैं उन्हें एनर्जी सूर्य से प्राप्त होती है। कथा में दो राज्यों के राज्यपाल का कार्यभार संभाल रहे देवव्रत एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दूरभाष पर लाइव शुभ कामना संदेश दिया। समापन पर इच्छा पूर्ण बालाजी मंदिर के महंत नृसिंह दास जी महाराज,विधायक भीमराज भाटी, महेन्द्र राठौड़,घनश्याम राठौड़,नैनाराम निकुंम, हेमाराम राठौड़, सोहनलाल राठौड़, ओमप्रकाश राठौड़,बाबुलाल पंवार,मदन पंवार,जुगल किशोर निकुंम,,सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे । संचालन ओम आचार्य ने किया। वहीं व्यास पीठ पर ओम जय जगदीश हरे की आरती के बाद मंदिर के पास प्रांगण में महा प्रसादी का शहर वासियों ने पुण्य लाभ लिया।
सोजत सिटी से नथाराम बोराणा की रिपोर्टर
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