TONK // 30 जनवरी को सोंप से जयपुर तक सत्ता को खुली चुनौती : नरेश मीणा का एलान-ए-जंग, भाजपा-कांग्रेस के बड़े नेताओं पर सीधे आरोप

TONK – भगत सिंह सेना के प्रमुख एवं किसान नेता नरेश मीणा ने गुरुवार को टोंक के एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में 30 जनवरी को देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के सोंप स्थित कोटड़ी मोड़ चौराहे पर होने वाले विशाल जन आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया। नरेश मीणा ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों, युवाओं और आम जनता की मांगों को तय समय में नहीं माना, तो यह आंदोलन जयपुर कूच में परिवर्तित होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
प्रशासन से वार्ता, अल्टीमेटम जारी नरेश मीणा ने बताया कि टोंक जिला कलेक्टर एवं जिला
पुलिस अधीक्षक के साथ लगभग दो घंटे तक विस्तृत वार्ता हुई। जिला स्तर के कई मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि राज्य सरकार से जुड़े विषयों को शासन के समक्ष रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को कल तक का समय दिया गया है, अन्यथा हजारों लोगों के साथ कोटडी मोड़ चौराहा सोंप से जयपुर कूच किया जाएगा।
11 सूत्रीय मांगों पर आंदोलन
TONK – नरेश मीणा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अहिंसात्मक और गांधीवादी तरीके से होगा, लेकिन सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई होगी। उन्होंने समरावता प्रकरण, 14 गांवों को उनियारा में जोड़ने, 60 युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, मुआवजा वितरण, समर्थन मूल्य, फसल बीमा, सड़क, पानी, टोल, पुलिस उत्पीड़न और जल जीवन मिशन से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से रखा।
बजरी घोटाले पर भाजपा-कांग्रेस दोनों पर हमला
पत्रकार वार्ता में नरेश मीणा ने हजारों करोड़ के बजरी घोटाले को लेकर कई बड़े नेताओं के नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि बनास नदी और बीसलपुर डैम से अवैध बजरी खनन के इस घोटाले में —
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़
हिंडोली विधायक अशोक चांदना (कांग्रेस)
भाजपा और कांग्रेस के अन्य प्रभावशाली नेता
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं।
नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार में 21 नवंबर 2022 को बीसलपुर डैम से गाद निकालने के नाम पर टेंडर जारी किया गया, जिसमें किसानों को मुफ्त गाद देने की बात थी, लेकिन इसके आड़ में हजारों करोड़ की बजरी का अवैध कारोबार किया गया।
TONK – उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने खुद स्वीकार किया था कि रोजाना 7 करोड़ की बजरी निकल रही है, जबकि हकीकत में 10 करोड़ रुपये प्रतिदिन की बजरी निकाली जा रही है।
विधायकों की चुप्पी पर सवाल
नरेश मीणा ने सवाल उठाया कि —
ओम बिरला के दबाव में भाजपा विधायक बजरी मुद्दा नहीं उठा पा रहे
कांग्रेस विधायक अशोक चांदना बजरी के अवैध कारोबार पर इसलिए चुप हैं क्योंकि वे खुद इसमें शामिल हैं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी बजरी मुद्दे पर इसलिए नहीं बोल रहे क्योंकि उन्हें अन्य मामलों का डर है
उन्होंने कहा कि यदि अशोक चांदना इतने ही मजबूत नेता हैं, तो वे सीपी जोशी को भीलवाड़ा लोकसभा चुनाव में हिंडोली विधानसभा से चुनाव क्यों नहीं जिता पाए।
हाड़ोती को लूटने वालों के खिलाफ संकल्प
नरेश मीणा ने कहा कि राजस्थान में धन्ना सेठ और पूंजीपति नेताओं द्वारा हाड़ोती को लूटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि
“जो नेता हाड़ोती को लूट रहे हैं — चाहे वे ओम बिरला हों या प्रमोद भाया जैन — जब तक उनकी राजनीति खत्म नहीं होगी, तब तक मैं चप्पल नहीं पहनूंगा। यह मेरा संकल्प है।”
2028 का चुनाव जनता तय करेगी
TONK- नरेश मीणा ने ऐलान किया कि 2028 का विधानसभा चुनाव उनके इर्द-गिर्द होगा।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने अंता उपचुनाव में उन्हें हराने की साजिश की, उन्हें 2028 में जनता करारा जवाब देगी।
राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी
उन्होंने बताया कि 30 जनवरी के आंदोलन में —
समाजवादी पार्टी (उत्तर प्रदेश) के सरदाना विधायक अतुल प्रधान
राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुड़ा
सहित भगत सिंह सेना के हजारों सिपाही राजस्थान भर से शामिल होंगे।
अंत में नरेश मीणा ने कहा कि यदि सरकार नहीं जागी, तो सत्ता की नींव हिल जाएगी।
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