TONK // जैसलमेर में वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह के रेस्टोरेंट पर कार्रवाई का मामला, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग

TONK – इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह के साथ जैसलमेर में हुए कथित प्रशासनिक अन्याय को लेकर पत्रकारो ने उचित व निष्पक्ष जांच करने की मांग को लेकर टोंक एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की है।
जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोलंकी ने सहित कई पत्रकारों ने ज्ञापन सोपा ।
ज्ञापन में बताया गया है कि

TONK – मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि उपेंद्र सिंह वर्ष 2004 से विधिवत अनुमति और निर्धारित किराये के आधार पर प्रशासनिक अधिकारियों के क्लब “DESERT” के समीप आवंटित भू-खंड पर रेस्टोरेंट का संचालन कर रहे थे। उन्होंने अपने निजी व्यय से निर्माण सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित कीं तथा करीब 22 वर्षों से नियमित रूप से किराया एवं अन्य देयकों का भुगतान करते रहे। कोरोना काल में व्यवसाय बंद रहने के बावजूद भी किराया वसूला गया।
TONK – पत्र में उल्लेख किया गया कि नवंबर माह में बिना किसी लिखित आदेश के तीन दिन में रेस्टोरेंट खाली करने के मौखिक निर्देश दिए गए। न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद भी विभिन्न विभागों द्वारा गैस सिलेंडर जब्त करने, किचन सील करने, लाइसेंस नवीनीकरण रोकने और पर्यटकों को हतोत्साहित करने जैसी कार्रवाइयां जारी रहीं। अंततः 18 फरवरी को भारी पुलिस बल के साथ रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया।
संगठन का आरोप है कि यह कार्रवाई एक स्वतंत्र पत्रकार की आवाज दबाने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है,
TONK – जो लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात है।
पत्र में मांग की गई है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच करवाई जाए, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा उपेंद्र सिंह की आजीविका की पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए।
टोंक से अशोक शर्मा की रिपोर्ट
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