Tonk // टोंक में विशाल आध्यात्मिक सत्संग, संत दर्शन सिंह बोले- ‘दूसरों की बुराई नहीं, पहले खुद को सुधारें’

Tonk – बृज विहार कॉलोनी स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन टोंक में विशाल आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन दिल्ली से आये सन्त निरंकारी मण्डल के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह की अध्यक्षता में किया गया।
सत्संग में टोंक, बून्दी, सवाईमाधोपुर, निवाई, देवली आदि स्थानों से आये श्रृद्वालुओं को सम्बोधित करते हुए डॉ.दर्शनसिंह ने कहा कि हम बहुत धर्म-ग्रंथ पढ़ते है,अच्छी बाते सुनते भी है अब जरूरत है उनको जीवन में उतारने की। सृष्टि को बनाने वाले परमात्मा को प्यार करने की, परमात्मा के बनाये हूए सभी इंसानो से प्यार करने की। अगर हमारे मन में शुद्व विचार है दूसरों का सम्मान करने वाले, नम्रता से बात करने वाले तो दूसरे भी हम से ऐसा ही व्यवहार करेंगे। अगर हम ही अपने दिलों में नफरत लेके बेठे रहेंगे तो संसार को एक परिवार केसे बनायेंगे, इसलिये जरूरी है खुद को सुधारने की। हमारा ध्यान सिर्फ दूसरों की बुराई देखने मे लगा रहता है जबकि जरूरत है कि हम स्वयं की बुराईयों को दूर करे, हमारा जीवन अच्छा हो, हमारा आचरण अच्छा हो इसके लिये जरूरी है कि हम सतगुरू की बात को अपने जीवन में अपनाए। आज अगर हम परमात्मा को याद भी कर रहे है तो सिर्फ अपनी मनोकामना पूर्ण करवाने के लिये जबकि भक्ति तो निःस्वार्थ होती है।
Tonk – यहाँ राजस्थान में पूजनीय मीरा बाई जिन्होंने पूरा ही जीवन ईश्वर की भक्ति में लगा दिया उनसे हमें भी प्रेरणा लेने की जरूरत है। आज निरंकारी सतगुरू माता सुदीक्षाजी महाराज पूरे संसार को यही संदेश दे रहे है कि हम मिल करके रहे, हमारा आपसी भाईचारा मजबूत हो और ये तभी संभव होगा जब हम एक-दूसरे को सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी से समय निकालकर सत्संग के लिये भी समय निकालें, सत्संग का वातावरण पावन, निर्मल आध्यात्म वाला होता है, यहां कोई गम नहीं होता इसलिये युगों-युगों से सत्संग को ही मोक्ष का द्वार बताया गया है। हम अगर परमात्मा का ध्यान करते है। इसकी याद में रहते है तो दुनिया की कोई ताकत हमें बुराई र के रास्ते पर लेके नहीं जा सकती। सत्संग में टोंक ब्रांच के रमेश राजोरा ने सत्संग में आये सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
टोंक से अशोक शर्मा की रिपोर्ट
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