Site icon The Chanakya TV Rajasthan

Tonk//आरोग्य मेले में उमड़ा जनसैलाब: तीसरे दिन 10,500 से अधिक लोगों ने लिया आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा का लाभ

Tonk//टोंक के स्थानीय गांधी खेल मैदान में राजस्थान सरकार व आयुर्वेद विभाग द्वारा चल रहे चार दिवसीय आरोग्य मेले में तीसरे दिन भी अपार जनसमूह ने स्वास्थ्य लाभ लिया। इस मेले में आयुर्वेद चिकित्सा, यूनानी चिकित्सा, होम्योपैथी व सिद्धा द्वारा लोगों की चिकित्सा व परामर्श प्रदान किया जा रहा है।

 

Tonk// इस अवसर पर आज इंडियन मेडिसिन बोर्ड के भूतपूर्व रजिस्ट्रार कमल चंद शर्मा एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय आयुर्वेद कॉलेज जयपुर ने आयुर्वेद में औषधि सेवन काल के महत्व पर अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रोग का एक नियत सेवन काल होता है यदि उसके अनुसार दवाइयों का प्रयोग किया जाए तो लाभ अधिकाधिक मिलता है। मेले के तीसरे दिन आयुर्वेद चिकित्सा के विभिन्न उपक्रमों द्वारा जनसाधारण को लाभान्वित किया गया। पंचकर्म चिकित्सा में सेवाएं दे रहे डॉ. मयंक मीना ने बताया कि स्नेहन, स्वेदन ,जानुबस्ति, कटी बस्ती द्वारा 50 से अधिक लोगों को वात व्याधियों से लाभ प्रदान किया गया। अग्निकर्म व विद्धकर्म व जलौका अवचारण द्वारा भी लोग लाभान्वित हुए। इस आयुष मेले में औषधीय पादप प्रदर्शनी , आयुष्मान आरोग्य मंदिर की प्रदर्शनी, व निशुल्क क्वाथ वितरण व मेले का भ्रमण, आयुर्वेद व देशी चिकित्सा पद्धतियों के बारे में जानने व समझने के लिए लगभग 10 हजार 500 लोगों ने शिरकत की । मेला प्रभारी प्रमोद जोनवाल व मीडिया प्रवक्ता डॉ धर्मराज मीणा ने बताया कि आयुर्वेद के विभिन्न स्टॉल जैसे स्त्री रोग, क्षारसूत्र, अग्निकर्म, जराव्याधि ,बालरोग, त्वचा रोग, आदि पर लोगों की भीड़ रही ।

Tonk//उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग टोंक रामसहाय बैरवा ने बताया कि होम्योपैथी ,यूनानी व सिद्धा पद्धतियों के काउंटर्स पर भी लोगों का हुजूम रहा । इनके द्वारा लगभग 1780 लोगों की चिकित्सा प्रदान की गई। आयुर्वेद की विभिन्न विधाओं द्वारा लगभग 2378 लोगों को चिकित्सा प्रदान की गई। बताया कि यह मेला आमजन हेतु अत्यंतल लाभदायक सिद्ध हो रहा है। डॉ संजय ने कहा कि कल मेले का अंतिम दिन है व समापन दिवस है अतः अधिक से अधिक लोग आकर इसका लाभ प्राप्त करे।

शिविर संभाग स्तरीय मेले में यूनानी चिकित्सिका डा नाजरिन ने यूनानी उपचार को स्वस्थ जीवन जीने का विज्ञान बताया। उन्होंने बताया कि जिसमें आहार, दिनचर्या व शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यूनानी उपचार
कारगर साबित हो रही है।डा शिबा परवीन ने बताया कि शिविर में यूनानी पद्धति के द्वारा निःशुल्क आमजन को उपचार कर लाभ दिया जा रहा है। डॉ मतीन ने कहा यूनानी पद्धति में चार तरीके से उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि दम,बलगम,सफरा,व सोफाली तरीके से उपचार से शिविर में कई आमजन लाभान्वित हो रहे हैं।

 

Exit mobile version