Chomu – चौमू में मस्जिद के बाहर पुलिस पर पथराव की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। चौमू के इमाम चौक इलाके में प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रखा गया ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।, कुछ दिन पहले चौमू में मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की और नगर परिषद ने अवैध निर्माणों की जांच तेज कर दी।

प्रशासन के अनुसार, तमाम चौक क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के बाद नगर परिषद ने 19 से 20 लोगों को नोटिस जारी किए थे, जिनमें निर्धारित समय सीमा में जवाब देने और स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद गुरुवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। जयपुर वेस्ट के ADCP राजेश गुप्ता ने कहा, नगर परिषद कार्रवाई कर रही है। अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जा रहा है। अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं और कुछ दिन पहले जिन्होंने उपद्रव किया था, उनके अवैध अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है।
नगर परिषद चौमूं के अनुसार यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। नियमों के तहत अतिक्रमणकारियों और अवैध निर्माण करने वालों को तीन बार नोटिस जारी किए गए थे और 31 दिसंबर तक जवाब व अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था। तय समयसीमा बीतने के बाद जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो नगर परिषद आयुक्त के नेतृत्व में बुलडोजर दस्ता मौके पर पहुंचा। सुरक्षा कारणों से कार्रवाई कुछ समय के लिए रोकी गई, लेकिन प्रशासन का रुख सख्त बना हुआ है।
बता दे कि यह पूरा विवाद 25 दिसंबर की रात को मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गया। इसके बाद प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू करते हुए सड़क सीमा में बने अवैध रैंप, सीढ़ियों और दुकानों को चिन्हित किया। 2 जनवरी 2026 को जारी नोटिसों में अवैध मीट दुकानों और सड़क पर किए गए निर्माण को लेकर चेतावनी दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तीन दिन में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो दुकानें सीज होंगी और ध्वस्तीकरण का खर्च भी वसूला जाएगा।
पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने इस कार्रवाई को पूरे राजस्थान के लिए मिसाल बताया है। वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा और एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता स्वयं सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कुछ लोग गुहार लगाते नजर आए, लेकिन प्रशासन ने साफ संदेश दिया है—चौमूं में यह एक्शन सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि कानून तोड़ने वालों के लिए सख्त चेतावनी है।