ARTHUNA // शुक्रवार को अरथुना तेहतहसील अरथुना को ग्रामीणो ने ज्ञापन देकर

ARTHUNA- स्टेट हाईवे 10 ए पालोदा से आन्दपूरी टोल बुथ आंजना से 20 कि.मी. परीक्षेत्र को टोल मुक्त करने को लेकर ग्रामीण ने मांग रखी कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा अरथूना तहसील जिला बांसवाडा के सैनाला गांव के पास टोल बुथ स्थापित किया गया है। एवं दिनांक 01.04.2026 से पुनः संचालन भी प्रारंभकिया जा रहा है। यह कि पूर्व में भी उक्त समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत करवाया था जिससे तुरन्त प्रभाव से टोल बंद कर दिया लेकिन उक्त टोल को वापस प्रारंभ किया जा रहा है।
यह कि उक्त पुरा क्षेत्र ट्राईबल एरीया है तथा रोजमर्रा की आवश्यकताओ को लेकर क्षेत्र वासी आस पास के क्षेत्र में आना जाना करते है जिनको उक्त टोल बुथ से गुजरना पडता है। इनमें से बहुसंख्यक लोग न्युनतम 5 से 10 कि.मी. सडक का उपयोग करते है उनसे टोल वसुली अन्याय है।
ARTHUNA -उक्त टोल के 20 कि.मी. की परीधी के बच्चे प्रतिदिन अध्ययन हेतु विद्यालय एवं महाविद्यालयो में आते जाते रहते है। वैरोजगार व्यक्ति अपनी आजीवीका के लिए अपने छोटे मोटे संसाधनो को लेकर आजीवीका के लिए आस पास के क्षेत्र में रोजगार के लिए आते जाते रहते है। तथा कृषि संबंधी कार्य हेतु कृषक वर्ग भी आये दिन परतापुर, बांसवाडा, सागवाडा, आदी बडे कस्बो में आते जाते रहते है। साथ ही रोज राजकीय कर्मचारी अपनी सेवाए देने के लिए आस पास के क्षेत्र में पवरिवहन करते रहते है। उक्त सभी प्रकार के नागरीको को उक्त टोल बुथ से गुजरना होता है जहा पर वर्तमान में प्रति आवागमन का शुल्क भारी मात्रा में वसुल किया जा रहा है जो क्षेत्रवासीयो पर अतिरिक्त भार स्वरूप है। क्योकि उक्त समस्त कार्यों हेतु क्षेत्रवासीयो को प्रतिदिन एवं कभी कभी दिन में कई बार उक्त टोल बुध से गुजरना पड़ता है।
यह कि उक्त 20 कि.मी. परीक्षेत्र वासीयो में टोल वसुली को लेकर भारी असंतोष एवं रोष है।
ARTHUNA – राजस्थान सरकार से भी क्षेत्र को पिछडा मानकर विषेश नियम व आर्थिक बजट जारी किया जाता है। उक्त मानको के आधार पर छूट दी जाए। हमारे क्षेत्रवासी अधिकतर किसान वर्ग से है जो आर्थिक आधार से पिछडे हुए है उनके द्वारा इस प्रकार का शुल्क चुकाना मुश्किल है। इस क्षेत्र की सामान्य एवं जनजाति की अधिकतर आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है इसलिए सरकार ने विशेष परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए विशेष मूल निवासी मानकर राज्य के अन्य क्षेत्र से हटकर अलग से आरक्षण दिया है टोल शुल्क में छूट दी जाए।
क्षेत्र के 20 कि.मी. परिक्षेत्र में कोई विशेष उद्योग भी नहीं है जिस कारण बाहर के वाहनो का आवागमन भी नही है जिस कारण टोल शुल्क केवल स्थानीय गरीब कृषक एवं जनता पर ही डाला जा रहा है। 20 कि.मी. परीक्षेत्र के निवासीयो को चिन्हीत कर टोल राशि से मुक्त किया जाए है। प्रशासन से निवेदन है कि उक्त टोल के आस पास हमें जगह दी जाए जहा पर बैठकर हम धरना प्रदर्शन कर सके जिससे यातायात बाधी न हो इर मोके पर पंकज पाटीदार, कुलदीप पण्डिया, तेजेस दर्जी, गोपाल काडोर, लालजी भाई, कल्पीत कोठारी, विनोद सेवक, इंद्रपाल सिंह, केसरपुरा सरपंच पंकज का ताबीयार,
अरथूना से अब्दुल कमाल कि रिपोर्ट
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