Banswara // एडीजीपी रूपिंदर सिंह का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा
Banswara // एडीजीपी रूपिंदर सिंह का निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था की ली समीक्षा, सीएलजी बैठक में दिए अहम निर्देश

Banswara -अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एडीजीपी) रुपिंदर सिंह शुक्रवार को दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के तहत बांसवाड़ा पहुंचे। उन्होंने टीएडी सभागार में सीएलजी सदस्यों और शहर के प्रबुद्धजनों की बैठक ली। एडीजीपी ने सदस्यों से सीधे सवाल-जवाब कर क्षेत्र की जमीनी स्थिति जानी और आमजन की समस्याओं व सुझावों पर खुलकर चर्चा की। पूर्व सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि उनके कार्यकाल में हाउसिंग बोर्ड पुलिस चौकी के लिए 2 हजार स्क्वायर फीट की जमीन आवंटित की थी लेकिन अब तक वहां निर्माण नहीं हो पाया है। जल्द ही निर्माण हो तो दो कमरों में चल रही चौकी को नया और बड़ा भवन मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि राजतालाब थाना भवन के लिए ओजरिया बाईपास के पास जमीन आवंटित है, लेकिन वह शहर से काफी दूर है। ऐसे में थाना भवन शहर में ही बनाया जाए तो शहरवासियों की कनेक्टिविटी आसान होगी। बैठक की शुरुआत से पहले यातायात नियमों की पालना को लेकर हुए नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें हो रही असमय मौतों के दर्द को दशति हुए आम जनता को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। इस दौरान एसपी सुधीर जोशी, एएसपी नरपत सिंह, डिप्टी गोपीचंद मीणा सहित जिले के विभिन्न थानों के थानाधिकारी मौजूद रहे।

Banswara – सीएलजी में आदिवासियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होः बैठक में स माजसेवी डॉ. नरेश पटेल ने कहा कि जिले में 70 फीसदी आदिवासी है लेकिन सीएलजी में 40 फीसदी भी सदस्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमानुसार सीएलजी में राजनीतिक दल के सदस्य भी शामिल नहीं हो सके। इस पर एडीजीपी ने एसपी से सीएलजी लिस्ट अपडेट करने के निर्देश दिए। डॉ. पटेल ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर कहा कि पुलिस दल सभी वाहन चालकों के खिलाफ एक समान रूप से कार्रवाई करे। कई बार मजदूर और छोटे वाहन चालकों के चालान कटते है लेकिन बिना नंबर की बड़े डंपर और काले शीशे वाली गाड़ियां सरपट शहर में चलती नजर आती है। सेवानिवृत्त रेंजर सज्जनसिंह राठौड़ ने सुझाव दिया कि पुलिस विभाग में गेलेंट्री अवार्ड शुरू किए, ताकि उत्कृष्ट और समर्पित भावना से सेवा कार्य करने वाले पुलिस जवानों का हौसलाफजाई हो सके। इससे पहले एडीजीपी के एसपी ऑफिस पहुंचने पर पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान एडीजीपी रुपिंदर सिंह ने जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिले के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर फीडबैक लिया और वर्ष 2025-26 के आपराधिक आंकड़ों का गहन निरीक्षण किया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निस्तारण, अपराधों की रोकथाम, पुलिसिया कार्रवाई की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने लेकर विशेष चर्चा की।
बांसवाड़ा से मुकेश पाटीदार की रिपोर्ट