baran // अफ्रीकी चीता KP-3 अब राजस्थान के बारां जिले की सीमाओं में दाखिल

baran – मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला अफ्रीकी चीता KP-3 अब राजस्थान के बारां जिले की सीमाओं में दाखिल हो चुका है। अटरू क्षेत्र स्थित **शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य* में चीते ने अपना नया ठिकाना बनाया है, जिससे वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच हलचल तेज हो गई है।लगातार शिकार कर क्षेत्र में जमाई धाक,चीता KP-3 पूरी तरह सक्रिय है और अपनी प्राकृतिक प्रवृत्ति के अनुसार लगातार शिकार कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार,बीते दिन:* चीते ने दो खरगोशों का सफल शिकार किया।आज की स्थिति:* दिन के समय चीते ने एक *जंगली सूअर* का शिकार किया, जिसके बाद उसे एक पेड़ के नीचे विश्राम करते हुए देखा गया।सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 24 घंटे निगरानी*
चीते की मौजूदगी को देखते हुए राजस्थान और मध्य प्रदेश वन विभाग की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड पर हैं। चीते के गले में लगे रेडियो कॉलर के माध्यम से उसकी हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
बारां जिला वन मंडल अधिकारी (DFO) *विवेकानंद* ने बताया कि विभाग पूरी तरह सतर्क है और प्रोटोकॉल के तहत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अभयारण्य क्षेत्र की ओर न जाएं और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करें।पर्यटन की जगी उम्मीदें*

baran – शेरगढ़ में चीते के आगमन से स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में भारी उत्साह है। क्षेत्र में अब *चीता सफारी* शुरू करने और इसे चीतों के लिए स्थायी बसेरा बनाने की मांग उठने लगी है। यदि KP-3 यहाँ लंबे समय तक रुकता है, तो भविष्य में यह क्षेत्र पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभर सकता है।चुनौती और संभावनाएं*
फिलहाल विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीते की सुरक्षा और उसे मानव आबादी से दूर रखना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या KP-3 शेरगढ़ के शांत वातावरण को अपना स्थायी घर बनाता है या आगे की ओर रुख करता
बारां से राजेश मंगल की रिपोर्ट
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