Beawar // शिक्षक समस्याओं को लेकर शैक्षिक महासंघ ने किया प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद

Beawar – अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने निरंतर संवाद के बाद भी आवश्यक निर्णय और शैक्षिक एवं विभागीय कार्य समय पर नहीं होने से सरकार और अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया। इसके लिए संगठन ने रविवार को जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने प्रेस वार्ता आयोजित कर आंदोलन की घोषणा की। ब्यावर जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह चौहान ने बताया कि संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने प्रदेश में नवीन सरकार के गठन के साथ ही संगठन ने नियमित संवाद और वार्ता कर शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया।लेकिन प्रदेश की सरकार और उसके अधिकारियों की हठधर्मिता और उदासीनता के कारण सरकार के दो वर्ष से अधिक के कार्यकाल में भी शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं होने से प्रदेश के लाखों शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। संगठन ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर लगातार वार्ता से समाधान के प्रयास किए जिसमें प्रमुख मांगे शिविरा पंचांग में संशोधन,तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गो के स्थानांतरण, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति,2019 से अब तक क्रमोन्नत सभी विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने एवं स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, RGHS को सुचारू जारी रखने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों और प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर करने, संविदा शिक्षकों को नियमित करने के साथ ही संगठन के मांग पत्र अनुसार सभी मांगों पर त्वरित समाधान की मांग की। लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने से संगठन ने चरण बद्ध आंदोलन का शंखनाद किया है।प्रदेशाध्यक्ष पुष्करणा ने कहा कि अब संगठन द्वारा 14 मई को खंड स्तर, 29 मई को जिला स्तर , 05 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तर का धरना एवं प्रदर्शन ,10 जून जयपुर संभाग पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा। इसके पश्चात् प्रदेश स्तरीय क्रमिक धरना 18 जून से व मानसून सत्र में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की कार्यशैली पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। महासंघ का स्पष्ट आरोप है कि वर्तमान में विभाग के अधिकारी ‘नवाचार’ का चोला ओढ़कर शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी तीनों का बंटाधार करने पर तुले हुए हैं। विभाग में एक ऐसा अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया गया है जहाँ किसी भी निर्णय पर पुनर्विचार का कोई प्रावधान नहीं बचा है। अधिकारी अपनी तानाशाही प्रवृत्तियों के चलते सरकार को गुमराह कर रहे हैं और शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
Beawar – संघर्ष समिति के संयोजक सम्पत सिंह ने कहा कि अभी हाल ही में सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए है जिनसे शिक्षकों में व्यापक आक्रोश फैल रहा है।जिनमें प्रमुख रूप से :
अवकाश कटौती: एक ही राज्य में दोहरा मापदंड और कुतर्क महासंघ के प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि अधिकारियों ने शासन को झूठे तथ्यों के आधार पर भ्रमित किया है। शिक्षण दिवस बढ़ाने के नाम पर ग्रीष्मकालीन अवकाशों में जो कटौती की गई है, वह पूरी तरह अवैज्ञानिक और भौगोलिक परिस्थितियों के विपरीत है। राजस्थान जैसे प्रदेश में, जहाँ गर्मी की भीषणता जगजाहिर है, वहां पूर्व में भौगोलिक आधार पर ही अवकाश तय किए गए थे।विडंबना यह है कि एक ही राज्य में उच्च शिक्षा के लिए 60 दिवस, केंद्रीय विद्यालयों में 61 दिवस और नवोदय विद्यालयों में 56 दिवस का अवकाश निर्धारित है, लेकिन प्रदेश के माध्यमिक एवं प्रारंभिक विद्यालयों में इसे घटाकर मात्र 35 दिवस कर दिया गया है।
संस्था प्रधानों के अवकाश अन्य राज्य कर्मचारियों के समान ‘ऐच्छिक अवकाश’ की श्रेणी में आते हैं, लेकिन अधिकारियों ने कुतर्कों के माध्यम से इसे भी विवादित बना दिया है।
राज्य सरकार ने शिक्षकों को समयबद्ध पदोन्नति का तोहफा देकर राहत देने की कोशिश की, लेकिन विभागीय अधिकारियों की जिद ने इस प्रक्रिया को उलझा दिया है। गृह जिलों में हजारों पद रिक्त होने के बावजूद, शिक्षकों को जबरन दूसरे जिलों में भेजा जा रहा है। काउंसलिंग प्रक्रिया में 125 प्रतिशत पद सम्मिलित करने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारियों ने कई विषयों में केवल 100 प्रतिशत पद ही खोलकर अपनी मनमानी का परिचय दिया है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ स्पष्ट करता है कि अधिकारियों की यह कार्यशैली न केवल शिक्षकों को तनाव दे रही है, बल्कि विद्यार्थियों को भी राजकीय शिक्षा से दूर कर रही है। यदि विभाग ने अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया और विसंगतियों को दूर नहीं किया, तो महासंघ प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन का शंखनाद कर दिया है
ब्यावर से शम्भू दयाल व्यास की रिपोर्ट
https://www.facebook.com/profile.php?id=61580815528140
सोजत सिटी// क्रान्तिकारी चंद्रशेखर आज़ाद को ‘राष्ट्र रत्न’ देने की मांग, सोजत में सौंपा ज्ञापन
टोंक// इलियास नकवी मेमोरियल टेनिस प्रतियोगिता पुरूस्कार वितरण के साथ सम्पन्न
राजस्थान// रामाश्रय वार्ड बना बुजुर्गों का सहारा, 1153 वरिष्ठ नागरिकों को मिला उपचार व देखभाल का लाभ