Beawar – राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के आह्वान पर अजमेर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, ब्यावर जिला वृत्त के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय, 220 केवी जीएसएस ब्यावर पर प्रदर्शन कर ऊर्जा विभाग की सीएमडी आरती डोगरा के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने विद्युत निगमों में बढ़ते निजीकरण एवं ठेका प्रथा पर रोक लगाने सहित 27 सूत्रीय मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री दिलीप कुमार जांगिड़ ने बताया कि छावनी, सेदरिया, रीको, जवाजा, मसूदा, विजयनगर और बदनोर उपखंडों सहित सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के सदस्य भी आंदोलन में शामिल हुए। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता के माध्यम से शासन सचिव ऊर्जा विभाग को ज्ञापन भेजकर निगमों में व्याप्त समस्याओं का समाधान करने की मांग रखी।
Beawar – ज्ञापन में प्रमुख रूप से विद्युत निगमों में निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक, कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने, तकनीकी कर्मचारियों को फिक्सटर्म योजना का लाभ देने, आरजीएस योजना पुनः शुरू करने, निशुल्क विद्युत सुविधा देने तथा तकनीकी कर्मचारियों को हाई ड्यूटी अलाउंस देने की मांग की गई। इसके अलावा पांचों विद्युत निगमों का विलय कर पुनः एक निगम या विद्युत मंडल बनाने, सूचना सहायकों के पदोन्नति अवसर बढ़ाने तथा एम एंड पी विंग में नए प्रमोशन चैनल सृजित करने की भी मांग उठाई गई।महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 20 मई को अजमेर डिस्कॉम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 10 जून को जयपुर स्थित विद्युत भवन पर आंदोलन किया जाएगा।इस दौरान डुंगर सिंह, सुरेन्द्र गहलोत, त्रिलोक सिंह सांगरवास, हितेंद्र शर्मा, ईश्वरलाल गहलोत, नेत सिंह, शिवराज, निर्मल शर्मा, मनोज जैन, श्वेता, सोनल, संता, सपना, सबीना, रामेश्वर प्रसाद वर्मा, बाबूलाल सोनल, रामगोपाल गुर्जर एवं राजेश खटनाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ब्यावर से शम्भू दयाल व्यास की रिपोर्ट