DHOLPUR // अरावली बचाओ और टाइगर रिजर्व सेंचुरी के विरोध में सर्व समाज विशाल महासभा हुई आयोजित

DHOLPUR – बाड़ी उपखंड स्थित कुदिन्ना ग्राम पंचायत स्थित बाबू महाराज मंदिर पर धौलपुर–करौली क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, आदिवासी समाज द्वारा एक विशाल महासभा आयोजित की गई। यह महासभा “अरावली बचाओ, गाँव बचाओ” अभियान के तहत प्रस्तावित धौलपुर–करौली टाइगर रिज़र्व सैंक्चुरी के विरोध में आयोजित की गई । महासभा में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि टाइगर रिज़र्व के नाम पर हजारों वर्षों से बसे गाँवों, खेती की ज़मीन, चरागाह, मंदिरों, श्मशानों और ग्रामीण जीवन-शैली को उजाड़ने की साज़िश की जा रही है। बिना ग्राम सभा की वास्तविक सहमति, बिना पारदर्शी सर्वे और जन-सुनवाई के लिए गए निर्णय संविधान, वनाधिकार कानून और बिना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
DHOLPUR – वन विभाग ने अपनी मर्जी से धौलपुर के ग्रामीण इलाक़ों में बिना ग्राम सभा आयोजित किए VSS वन सुरक्षा एवं प्रबन्धन समिति बनाई है जो कि क़ानूनी रूप से अवैध है तथा VSS के माध्यम से कराए गए निर्माण कार्य भी क़ानूनी रूप से वैध नहीं है बॉक्सर शेरा गुर्जर ने कहा कि अरावली केवल जंगल नहीं, बल्कि यहाँ के लोगों की रोज़ी-रोटी, संस्कृति और अस्तित्व है। यदि यह परियोजना वर्तमान स्वरूप में लागू होती है, तो हज़ारों परिवारों का जबरन विस्थापन होगा, खेती-बाड़ी और पशुपालन खत्म होगा तथा क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही बॉक्सर शेरा ने बताया यहां की जलवायु टाइगर रिजर्व के लिए अनुकूल नहीं है। महासभा के माध्यम से धौलपुर–करौली टाइगर रिज़र्व सैंक्चुरी की अधिसूचना को तत्काल रद्द करने, सभी प्रभावित गाँवों में निष्पक्ष और पारदर्शी ग्राम सभाएँ आयोजित करने,वनाधिकार कानून के तहत ग्रामीणों के अधिकारों को पूर्ण मान्यता देने,संरक्षण के नाम पर जबरन विस्थापन की नीति समाप्त करने,स्थानीय लोगों को साथ लेकर वैकल्पिक, जनहितकारी पर्यावरण संरक्षण मॉडल अपनाने की मांगें रखी गई।साथ ही जनभावनाओं की अनदेखी करने पर सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।इस अवसर पर सर्व समाजों के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
https://www.facebook.com/profile.php?id=61580815528140
टोंक// विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन कल रविवार को होगा
राजस्थान// रामाश्रय वार्ड बना बुजुर्गों का सहारा, 1153 वरिष्ठ नागरिकों को मिला उपचार व देखभाल का लाभ