TONK // महिला दिवस सप्ताह कार्यक्रम का हुआ शुभारम्भ

TONK – महिला दिवस सप्ताह कार्यक्रम शुभारम्भ 4 मार्च को किया गया। निदेशालय महिला अधिकारिता विभाग के निर्देशानुसार बुधवार को विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार- प्रसार हेतु कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक मैरिंगटन सोनी ने विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा किए जाने के लिए आयोजित इस कार्यशाला में, केंद्र सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान पर वार्ता की। बेटियों के अस्तित्व, घटते जन्म के समय लिंगानुपात, शिक्षा एवं पोषण के लिए बच्चियों के समान अधिकार पर भी विचार व्यक्त किए। काली बाई भील शिक्षा सेतु योजना पर बात करते हुए सोनी ने बताया कि इस योजना द्वारा ड्रॉप आउट बालिकाएं शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ सकती हैं।

TONK – वर्तमान डिजिटल समय की प्रासंगिकता को देखते हुए विभाग द्वारा नि:शुल्क व्यावसायिक कोर्स भी करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं में उद्यमिता एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। महिलाओं को अपना उद्यम स्थापित करने या पहले से चल रहे उद्यम को विस्तारित करने के लिए लोन दिया जात है। ऋण राशि पर विभाग द्वारा 25 से 30 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। आर्थिक सशक्तिकरण पर मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम जॉब वर्क योजना पर भी चर्चा की। वर्क फ्रॉम होम योजना महिलाओं को उनके स्किल सेट के अनुसार घर बैठे काम मुहैया करवाने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। गृहणियां, कॉलेज छात्राएं या ऐसी महिलाएं जो घर से दूर जाकर अपनी आय अर्जित करने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इस योजना में आवेदक और साथ ही नियोक्ता भी रजिस्टर करवा सकते हैं। छोटे कुटीर उद्योगों यथा सिलाई, कढ़ाई, आचार बनाना से लेकर हाई-टेक कम्प्यूटिंग, टाइपिंग, कंटेंट राइटिंग जैसे उद्यम भी इस पोर्टल के माध्यम से दूरस्थ महिलाओं को उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। सहायक निदेशक ने बताया कि राजस्थान के सभी जिलों में एक सखी केंद्र अवश्य होता है, जहां एक ही छत के नीचे प्रताडि़त महिला को चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, विधिक परामर्श मुहैया करवाने के लिए काउंसलर उपस्थित रहते हैं। सखी केंद्र चिकित्सालय से 2 किमी के दायरे में ही स्थापित किए जाते हैं। टोंक जिले का सखी केंद्र जनाना अस्पताल के तृतीय तल पर संचालित है।

TONK – इसी प्रकार टोंक जिले के सभी थाना सर्किल पर महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना को जानकारी देते हुए मैरिंगटन सोनी ने बताया कि बाल विवाह पर अंकुश लगाने के साथ विवाह में होने वाले अपव्यय को रोकने के लिए भी यह योजना बनाई गई है। योजना की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। विवाह की तिथि से कम से कम 15 दिवस पूर्व ऑनलाइन आवेदन करना अति-आवश्यक है। तथा आयोजन एवं अनुदान की अनुमति एसएसओ के माध्यम से रजिस्टर्ड संस्था द्वारा प्राप्त की जा सकती है। मैरिंगटन सोनी ने बताया कि योजना क्रियान्वयन में विवाद जिला कलक्टर स्तर पर निस्तारित किए जाएंगे तथा संस्था द्वारा आयोजन के 60 दिवस तक निर्धारित कार्यवाही दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जाने पर प्रकरण स्वत: निरस्त माना जाएगा। योजना में विभाग की तरफ से प्रति जोड़ा अनुदान राशि 25 हजार हैए जिसमें से 21 हजार रुपए सीधे वधु के खाते मेंए तथा 4 हजार की राशि आयोजक संस्था के खाते में हस्तांतरित की जाती है। वधु के जनाधार से लिंक खाते में ही राशि हस्तांतरण किया जाने का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि वधु वयस्क है तथा वर एवं वधु में से कोई एक राजस्थान के मूल निवासी हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक सरोज मीणा ने गर्भवती, धात्री महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं को विस्तार से बताया। पीएमएमवीवाई, एमएमएमपीवाई इत्यादि योजनाओं पर चर्चा की।
टोंक से अशोक शर्मा की रिपोर्ट
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