Tonk // जिला कारागृह का औचक निरीक्षण, बंदियों से न्यायाधीश ने की सीधी बातचीत, सुविधाओं की ली जानकारी
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Tonk – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने शुक्रवार को जिला कारागृह टोंक का औचक मासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागृह की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया एवं बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं जैसे आवास, भोजन, स्वच्छता सेवाएं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा़ लिया। निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह टोंक में कुल 455 पुरुष बंदी पाए गए। न्यायाधीश द्वारा बंदियों की निरीक्षण के दौरान प्रत्येक बैरक के बाहर ही परेड लगवाकर कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों एवं दोषसिद्ध बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद (वार्ता) करके उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
Tonk – न्यायधीश ने निरीक्षण के दौरान बंदियों को कारागृह में मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं व बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति एवं अधिवक्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की साथ ही अधिवक्ता न कर पाने की स्थिति में निशुल्क विधिक सहायता के तहत प्राधिकरण द्वारा अधिवक्ता उपलब्ध करवाने के संबंध में जानकारी दी गई। जिन बंदियों के पास पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है उनके निशुल्क विधिक सहायता के लिए आवेदन पत्र भरवाए गए व बंदियों की समस्याओं को सुना व समस्याओं के निराकरण के लिए जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया तथा बंदियों को उनके कानूनी अधिकार संवैधानिक अधिकार, निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार द्वारा जिला कारागृह टोंक में “मुलाकात लीगल ऐड हेल्प डेस्क” का जिला विधिक न्यायाधीश द्वारा हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया।प्रिजनर्स लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण करके संधारित किए जा रहे रजिस्टर एवं रिकॉर्ड्स की भी जांच की गई।इस दौरान जेल अधीक्षक जयवर्धन सिंह, कारापाल राजेश मीणा एवं उपकारापाल राजेश कुमार मीणा, चीफ एलएडीसी रमेश शर्मा, असिस्टेंट एलएडीसीएस निपुण चौहान एवं पीएलवी चन्द्रकला शर्मा उपस्थित थे।