Tonk // टोंक: विमंदित गृह निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं उजागर, न्यायाधीश ने जताई नाराजगी

Tonk – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने शनिवार को विमंदित गृह जगदीश सेवा संस्थान टोंक का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गृह में आवासित बालकों की उपस्थिति, आवासीय व्यवस्था, भोजन, सुविधाओं, साफ-सफाई एवं कार्यालय अभिलेखों का गहन परीक्षण किया ।जिस दौरान मिली अनियमितताओं के मामले में सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए संस्थान में 27 बालकों का रजिस्ट्रेशन होकर कुल 17 बालकों की उपस्थिति दर्ज जाहिर की गई, शेष बालक ग्रीष्मावकाश में परिजन के पास गए हुए बताया गया लेकिन रिकॉर्ड में कोई अवकाश प्रार्थना पत्रों का संधारण नहीं पाया गया। संधारित की जा रही अवकाश फाईल में किसी भी बालक का अवकाश प्रार्थना पत्र संलग्न नहीं था।इतना ही नहीं यह पाया गया कि फाईल में मात्र अप्रेल माह तक पांच बालकों का अवकाश प्रार्थना संलग्न है। अवकाश प्रार्थना पत्र के संबंध में प्रार्थना पत्र नहीं होना जाहिर किया गया। संस्थान में मौजूद केयरटेकर विनोद कुमार गुर्जर एवं सुपरवाईजर सुरेश गुर्जर ने सचिव के सवालों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया । अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने कार्मिक उपस्थिति पंजिका की जांच की तो उसमें भी अनेक अनियमितताएं पाई गई संस्थान में कुल18 कर्मचारी कार्यरत होना दर्शाया गया था लेकिन निरीक्षण के दौरान सिर्फ 6 ही कर्मचारी उपस्थित पाए गए। जिसमें दो आया, एक नर्स एवं तीन सहायक उपस्थित थे। पिछले दिवस की उपस्थिति रजिस्टर में कार्मिक 11 थे लेकिन वर्तमान तिथि को 11 कार्मिको के हस्ताक्षर नहीं होकर अनुपस्थित थे। केयरटेकर ने बताया कि 18 कार्मिक में से कुछ कार्मिक अलग-अलग शिफ्ट में आते हैं लेकिन किसी कार्मिक की कोई शिफ्ट दर्ज नहीं की गई थी न ही उपस्थिति पंजिका में इन्द्राज किया गया था। ड्यूटी चार्ट मानक अप्रेल माह का पेश किया गया जिसके बाद किसी भी माह का ड्यूटी चार्ट बनाया हुआ नहीं बताया गया।

Tonk – वक्त निरीक्षण संस्थान में रसोई-घर की व्यवस्था जांची गई। बच्चों के खाने-पीने, भोजन इत्यादि की व्यवस्था देखी गई जिसमें पाया गया कि चपातियां कच्ची एवं कुछ जली हुई थीं। स्नानघर एवं शौचालयों की जांच में पाया गया कि सफाई नहीं होने के कारण वहां दुर्गंध आ रही थी। इस संबंध में न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने विमंदित गृह जगदीश सेवा संस्थान में मिली अव्यवस्थाओं के मामले में नाराजगी व्यक्त की।वहीं पूर्व निरीक्षण माह फरवरी 2026 में भी शौचालय में से दुर्गंध आ रही थी जिस मामले में निरीक्षण के समय निर्देश दिए थे लेकिन यह समस्या जस की तस पाई गई ।इस संबंध में सफाई एवं स्वच्छता के लिए मौखिक हिदायत दी गई साथ ही संबंधित विभाग को पत्र प्रेषित किया गया है, लेकिन यह समस्या ज्यों की त्यों ही बनी हुई थी। इस बाबत् जिला कलक्टर व समाज कल्याण विभाग को पत्र प्रेषित किए जाएंगे। न्यायाधीश ने विमंदित पुनर्वास गृह टोंक में निरीक्षण के दौरान बच्चों की शिक्षा संबंधी जानकारी, मनोविज्ञानी व स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी प्राप्त की। न्यायाधीश ने निरीक्षण के दौरान संस्थान के रजिस्टर्स आदि की भी जाँच की एवं बालकों को शारीरिक, मानसिक, स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए पोषक आहार दिए जाने के उपस्थित केयरटेकर को दिशा-निर्देश दिए गए।
टोंक से अशोक शर्मा की रिपोर्ट
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